CM साय की बड़ी पहल से छत्तीसगढ़ में पहली बार National Games! 40वें नेशनल गेम्स की तैयारियां तेज, खिलाड़ियों के लिए 100 करोड़ का ‘उत्कृष्ट मिशन’

रायपुर/बिलासपुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। लंबे समय से राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का इंतजार कर रहे प्रदेश के लिए इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक हुई। बैठक में 40वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। सरकार का फोकस केवल सफल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इस मौके का इस्तेमाल प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने पर भी किया जा रहा है।

पहली बार छत्तीसगढ़ में होगा National Games का आयोजन
40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ के खेल क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के आयोजन से प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ स्थानीय खिलाड़ियों को देश के शीर्ष खिलाड़ियों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
सरकार अब खेल मैदानों, प्रशिक्षण केंद्रों, खिलाड़ियों की सुविधाओं और आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

2010 में हाथ से निकल गई थी मेजबानी
छत्तीसगढ़ इससे पहले भी नेशनल गेम्स की मेजबानी की कोशिश कर चुका है। वर्ष 2010 में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दी थी। इसके बाद IOA की टीम ने प्रदेश का दौरा कर खेल अधोसंरचना और आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया था।
निरीक्षण के दौरान तैयारियों को पर्याप्त नहीं माना गया और बाद में मेजबानी छत्तीसगढ़ के हाथ से निकल गई। इसके बाद 39वें नेशनल गेम्स की मेजबानी गुजरात को मिली।

ऐसे में अब 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलना करीब डेढ़ दशक पुराने इंतजार के बाद बड़ा मौका माना जा रहा है।
खिलाड़ियों के लिए ₹100 करोड़ का ‘उत्कृष्ट मिशन’
राज्य सरकार ने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ‘उत्कृष्ट मिशन योजना’ शुरू की है। करीब 100 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत प्रदेशभर में प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार का लक्ष्य केवल राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
CM Office से भी होगी मॉनिटरिंग
नेशनल गेम्स की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के कामकाज में बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से एक अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है।
इससे आयोजन से जुड़े विभागों और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है। तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी पर जोर रहेगा।
CM साय की बैठक में खेलों को लेकर बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयोजन की तैयारियों के साथ-साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार की कोशिश है कि नेशनल गेम्स के लिए तैयार होने वाला खेल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजन के बाद भी खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक उपयोगी रहे।
बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष एवं मंत्री केदार कश्यप सहित संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में देशभर के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। इससे युवा खिलाड़ियों को अनुभव मिलने के साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं पर सरकार का जोर आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में ला सकता है।
अब चुनौती सिर्फ आयोजन की नहीं, विरासत बनाने की
छत्तीसगढ़ के लिए 40वें नेशनल गेम्स केवल एक बड़ा खेल आयोजन नहीं है। यह प्रदेश की खेल क्षमता, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई प्रतिभाओं को देश के सामने रखने का मौका है।
2010 में अधूरी रह गई मेजबानी के बाद अब राज्य सरकार के सामने चुनौती है कि इस बार आयोजन को केवल सफल ही नहीं, बल्कि ऐसा बनाया जाए कि नेशनल गेम्स के बाद भी प्रदेश में मजबूत खेल ढांचा और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर कायम रहें।
मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई बैठक के साथ ही 40वें नेशनल गेम्स की तैयारियों का औपचारिक रोडमैप आगे बढ़ गया है। अब नजर इस बात पर होगी कि छत्तीसगढ़ इस बड़े राष्ट्रीय आयोजन को किस स्तर तक ले जाता है और इस मौके से प्रदेश के कितने नए खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाते हैं।









